भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने की साजिश में शामिल हैं कुछ नेता

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वाराणसी/संसद वाणी

काशी धर्म परिषद के अध्यक्ष एवं पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास जी महाराज ने संतों के साथ बैठक कर वर्तमान हालात पर गहरी चिन्ता व्यक्त की और बढ़ते हुये इस्लामी जिहाद को रोकने हेतु कड़े कदम उठाने की अपील की। बालक दास जी ने कहा कि हिन्दुस्तान पर आक्रमण करने वाला हर मुस्लिम आक्रमणकारी इस सोच के साथ भारत पर आक्रमण किया कि तलवार के आतंक से भारत को इस्लामिक मुल्क बना देगा। तैमूर से लेकर बाबर तक सबकी एक ही सोच थी और वे अपने मिशन में कुछ हद तक कामयाब भी हुए। भारत को तोड़कर तीन इस्लामिक देश बना दिया गया। भाईचारे का नारा देने वाले सेक्युलर गैंग इस बात के लिए हमेशा सतर्क रहता है कि किसी भी तरह से हिन्दुओं का मनोबल न बढ़ने पाए। दूसरी तरफ इस्लाम को मानने वाले मुसलमान धार्मिक आज़ादी के नाम पर शरिया कानून को लागू करने का प्रयास करते रहे। जरूरत इस बात की है कि भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस्लामी षड्यंत्र से सावधान हो और हर कीमत पर हिन्दू राष्ट्र बनाने की वकालत करे। जब मुसलमानों की संख्या बढ़ जाएगी और मुस्लिम सत्ता में आएंगे तब वे एक मिनट भी देरी किये बिना भारत को इस्लामिक मुल्क घोषित कर देंगे। वर्ष 1192 से लेकर वर्ष 1707 तक भारत को इस्लामी देश घोषित करने का कुत्सित और घृणित प्रयास चलता रहा, लेकिन हिन्दुओं के प्रतिरोध की वजह से मुसलमान शासक अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाये। उस दौरान हजारो मन्दिर तोड़ दिए गए, हिन्दुओं पर जजिया कर लगा दिया गया, पूजा स्थलो पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, तीर्थ यात्रा कर लगाया गया, बड़ी संख्या में हिन्दुओं का धर्मांतरण कराया गया। फिर भी सनातनधर्मी इस पाप और कुकृत्य को भाईचारा ही समझते रहे। अब समय आ गया है कि इस्लाम के नाम पर होने वाले आतंकवाद पर लगाम लगाई जाए और पूरे विश्व समुदाय को जो मुठ्ठी भर नेता भारत को इस्लामी मुल्क बनाना चाहते हैं उनका पूरी ताकत से विरोध करना पड़ेगा। भारत के हिन्दू अपने दुश्मनों को पहचानें, ये बहरूपिये हमारे बीच के ही हैं।

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