जनपद में ‘टीबी कॉल सेंटर’ की स्थापना

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अब टीबी से जुड़े सभी सवालों का मिलेगा जवाब

दो हफ्ते से ज्यादा समय तक खांसी आए तो हो जाएँ सतर्क

वाराणसी/संसद वाणी

अब टीबी से जुड़े हर सवाल का जवाब आप आसानी से एक काल करके प्राप्त कर सकते हैं ।जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से मंगलवार को जनपद में ‘टीबी कॉल सेंटर’ की स्थापना की गयी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि पिछले दिनों हुई बैठक में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने निर्देशित किया था कि जनपद में कोविड कॉल सेंटर की तरह टीबी कॉल सेंटर की स्थापना की जाए, इसी क्रम में मंगलवार से टीबी कॉल सेंटर की स्थापना कर दी गयी है। टीबी कॉल सेंटर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है कि टीबी की पुष्टि होते ही जल्द से जल्द मरीज को नोटिफ़ाई कर लिया जाए और तत्काल प्रभाव से उसका उपचार शुरू कर दिया जाए। इसके साथ ही उसे समय पर दवा और हर माह पोषण के लिए 500 रुपये भी मिलते रहें। विभाग का पूरा प्रयास है कि जनपद को वर्ष 2025 से पहले क्षय रोग मुक्त बनाया जा सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राहुल सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला क्षय रोग केन्द्र पर टीबी मरीजों से जुड़ी किसी भी समस्याओं के निराकरण के लिए कॉल सेन्टर की स्थापना कर दी गयी है| इससे कोई भी व्यक्ति, टीबी मरीज या टीबी लक्षण युक्त व्यक्ति निःशुल्क जांच व लैब की सुविधा,मरीज व डाट्स केंद्र की स्थिति, नियमित दवा व जांच, निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह मिलने वाले 500 रुपये, एमडीआर व एक्सडीआर मरीजों के उपचार की सुविधा आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी हासिल कर सके। उन्होनेकहा कि टीबीसे सम्बन्धित मरीज निर्धारित मोबाइल नम्बरों पर प्रातः 10 बजे से सायं पाँच बजे तक अपनी समस्याओं के सम्बन्ध में सम्पर्क कर सकते हैं।

  1. संजय कुमार भारती, टीबी.एच.वी. (8810713571) प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार ।
  2. संदीप कुमार कौशल, टीबी. एच.वी. (8810713570) प्रत्येक मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं शनिवार ।
    इसके अतिरिक्त विशेष परिस्थितियों में इन नंबरों पर भी सम्पर्क किया जा सकता हैं।
    1- डा. अन्वित श्रीवास्तव, चिकित्सा अधिकारी, जिला क्षय रोग केंद्र, वाराणसी – (8810713082)
    2- डॉ राहुल सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी, वाराणसी – (9450542799)

टीबी के लक्षण –

  • दो हफ्ते या उससे अधिक लगातार खांसी आना
  • खांसी के साथ बलगम में खून आना
  • रात में सोते समय पसीना आना
  • लगातार बुखार आना
  • थकावट व कमजोरी आना
  • वजन घटना
  • सांस लेने में परेशानी

ऐसे करें बचाव –

  • दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर डॉक्टर को दिखाएं। टीबी की पुष्टि होने पर दवा का पूरा कोर्स लें। डॉक्टर से बिना पूछे दवा बंद न करें।
  • मास्क पहनें या हर बार खांसने या छींकने से पहले मुंह को पेपर नैपकिन से कवर करें।
  • मरीज किसी एक प्लास्टिक बैग में थूके और उसमें फिनाइल डालकर अच्छी तरह बंद कर डस्टबिन में डाल दें। इधर-उधरन थूकें।
  • मरीज हवादार और अच्छी रोशनी वाले कमरे में रहें। एयर कंडीशन (एसी) से परहेज करें।
  • पौष्टिक खाना खाएं, व्यायाम व योग करें।
  • बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तंबाकू, शराब आदि से परहेज करें।
  • भीड़-भाड़ वाली और गंदी जगहों पर जाने से बचें।
  • बच्चे के जन्म पर बीसीजीका टीका लगवाएं।
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